विदेश में रह रहे अपनों को लेकर चिंतित हो रहे परिजन

 कोरोना का कहर देश से ज्यादा में विदेशों में है। इसको लेकर जिन परिवारों के बच्चे विदेश में रहते नौकरी अथवा कारोबार कर रहे हैं, उनके परिवारीजन खासे परेशान हैं। प्रतिदिन परिवारीजन वीडियो कॉल और कॉल करके उनके हालचाल ले रहे हैं।


मुख्य बाजार निवासी नरेंद्र कटियार के पुत्र सचिन कटियार और उनकी पत्नी पल्लवी कनाडा के टोरंटो शहर में रह रहे हैं। सचिन सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं जो अमेरिका के बाद पिछले छह माह से वहां रह रहे हैं। पिता नरेंद्र कटियार और मां इंदू कटियार ने फोन पर उनके हालचाल लिए हैं तथा उन्हें सावधानी बरतने को कहा। मां काफी परेशान हैं।
इसी प्रकार जापान के हिरोशिमा में लॉ फर्म चलाने वाले नीरेंद्र उपाध्याय के भाई पुष्पेंद्र उपाध्यय और भाभी रेखा उपाध्याय टूंडला प्रकाश नगर में रहते हैं। वह भी काफी परेशान हैं और प्रतिदिन वीडियो कॉल कर उनके हालचाल लेते हैं। उनकी पत्नी प्रियंका व बेटे जीशान से बात करके सावधानी बरतने को कहा। इसी प्रकार जैन गली निवासी अमित धाकरे पुत्र सुरेंद्र धाकरे और उनकी पत्नी पूर्णिमा धाकरे आस्ट्रिया में दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे छह माह से वहां हैं। जैन गली निवासी बाबा सोबरन सिंह धाकरे, चाचा अनिल धाकरे और चाची साधना धाकरे, शालिनी धाकरे ने उनसे वीडियो कॉल पर जानकारी ली।
द्वारिकापुरम निवासी डीपी सिंह और बीना सिंह के पुत्र हिमांशू सिंह अमेरिका के कैलीफोर्निया में तीन साल से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनको लेकर मां और पिता दोनों काफी परेशान हैं और प्रतिदिन बात कर रहे हैं। उन्होंने बेटे से कहा कि अगर वहां कोरोना की स्थित गड़बड़ हो तो वह वापस इंडियां आ जाए। राहलु जैन पुत्र राजेश कुमार जैन निवासी निजामी बस्ती आस्ट्रेलिया में साफ्टवेयर इंजीनियर है। जो पत्नी व बच्चों केे साथ तीन साल से वहीं रह रहे हैं। कोरोना को लेकर उनके पिता राजेश चाचा पंकज जैन परेशान हैं।